Path to humanity

Path to humanity
We cannot despair of humanity, since we ourselves are human beings. (Albert Einstein)

Wednesday, December 31, 2014

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अनगिनत दीवारों की परतों को करीब से देखने की ख्वाइश सी जगी है दिल में आज, कल या शायद परसों- इनकी परतों से आंसुओं को बहते देखा था परत दर परत आंसू धुंधले हो चले थे उन्हीं दीवारों के पीछे कहकहों की आवाज़ें गूँज रही थीं उसी गूँज में कहीं किसी का सिसकना मेरी ख्वाइश और दीवार की ज़िन्दगी से अनचाहा मेल खा रही थी

बेपरवाह 'मैं'!
The lonely play

मुझे 'मैं' पसंद नहीं
और मुझमें छिपा वो
दोनों में कोई सामंजस्य ही नहीं
एक कहता- रुक जाओ, दूसरा कहे- बस चलते रहो
अरे कोई इस शोर को भी तो देखो
न सको देख, तो कम से कम सुन तो लो
देखा? सुना?
या आँखें कर लीं बंद
अनसुना कर दिया
बड़ा रहस्यमयी है ये मैं
और ये शोर भी
साठ गाँठ लगती है मुझे तो कुछ इनकी
इंतज़ार है मुझे अब
इस मैं के सो जाने का
इस बेपरवाह
शोर के थम जाने का
फिर आएगी वो नींद
गहरी, मखमली सुनहरी

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ईश्वर ने मांगी एक दुआ
God, a well wisher

बेहद सहज और सुन्दर कोमल
था उसका एहसास
सारे ग़मों से दूरी हो गयी
खुशियाँ हो गयीं पास
समय ने ली ऐसी छलांग की
हर दिन अपना लागे
और रातों को नजदीक से देखा
वो सरपट दौड़ा भागे
उसके समीप्य में समझा मैंने
अपनापन था कहीं पर छुपा हुआ
अब तक मांगे था इंसान हमेशा
फिर ईश्वर ने मांगी एक दुआ
कि उसका साथ रहे मेरा ही
चाहे सब कुछ छूट ही जाये
बाकी सब तो मोह माया है
जाने जो साधू कहलाए

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दोस्ती थी दो दुश्मनों में
Innocent friendship...

दोस्ती थी दो दुश्मनों में
और ईमानदारी भी बहुत थी
उनके रिश्ते में दोस्तों
दिलदारी बहुत थी
किसी को कहते सुना मैंने
वो पहले सिरफ
एक दूसरे को जानते भर थे
समय बीतता गया
अब वो
खुद को नहीं पहचानते भर थे
फिर दुश्मनी का
धीरे धीरे आगाज़ हुआ
दोस्ती पर लगा ग्रहण
अब कोई उनका हमराज़ ना हुआ
साथ देने को तन्हाइयों का साथ
ही दीख पड़ता है उनको
दोस्त थे जब
भुला देते थे हर एक गम को
काश ये दुश्मन
अब फिर से दोस्त बन जाएं
और फिर से वही
एक छोटी सी दुनिया बनाएं

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तमाशबीन
The lonely play

तमाशबीनों की दुनिया में
मैंने भी एक खेल था खेला
भीड़ बहुत थी सब ओर वहां पर
पर था मैं बिलकुल अकेला
लोग हंसे जब मैं था रोया
वो और हंसे, मैंने सब खोया
जब मेरे हंसने की बारी आयी
टूटा मेरा ख्वाब सुनहला

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Tuesday, December 30, 2014

निरंकुशता
Absoluteness- The real meaning of love and life

निरंकुश है वो जिसमेँ प्रेम है
कि जैसे गंगा
कि जैसे राधा
इतने पवित्र हैं दोनों
कि जैसे ईश्वर का रूप हो इनमें
आधा आधा
एक निकली थी शिव जटाओं से
दूजी रहती थी श्यामल छाँव में
एक जीवनदायनी गंगा है
दूजी बड़भागिनी सुनंदा है
एक भागीरथी के तप का प्रमाण है
दूजी का प्रेम मनोहर अभिमान है
निरंकुशता ही जीवन का सार है
खोखले जीवन पर कटु प्रहार है
प्रेम साधना का ही प्रतिरूप है
कभी डमरू तो कभी मुरली में ढला रूप है

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काटों संग फूल
Beautiful Thorn and Flower

राह पर कुछ कांटें
काँटों संग हैं कुछ फूल
दोनों ही कृतियाँ तेरी हैं मालिक
काटें चुनूं या फूल
फूल चुनूं तो महक हाथ आती
काटों से मिलती चुभन है
दूर तलक सोचा तब जाना
इन दोनों का साथ ही जीवन है

फूलों का अर्पण कर देना
और काटों का हो तर्पण
दोनों का समुच्य ही सम्पूर्णता है
जिसमें छिपा है जीवन दर्शन
एक है कोमलता का द्योतक
तो दूजा है शक्ति प्रदाता
जिसने समझा इस अनुपम सत्य को
वो ही महा मनस्वी कहलाता

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