Path to humanity

Path to humanity
We cannot despair of humanity, since we ourselves are human beings. (Albert Einstein)

Tuesday, April 7, 2015

एक तू और तेरी याद
Beautiful heart

ये गुमसुम सी मुस्कराहट
और कुछ कह देने की कोशिश
मुझे बहुत भाती है
तू मुझे हर पल याद आती है
बिन कहे सब कुछ कहना
बस यूँ ही चुप चुप रहना
तेरी आँखों में ज़िन्दगी दिख जाती है
तू मुझे हर पल याद आती है

तेरी आवाज़ में पायल सी छनक
तेरी हर बात में फूलों की महक
मुझसे तू ना जाने क्यों शरमाती है
तू मुझे हर पल याद आती है
तेरा वास्ता उस खुदा से सच्चा होगा
तेरा-मेरा नाता अभी कुछ कच्चा होगा
पर तुझे देखकर दिल की धड़कन क्यों बढ़ जाती है?
तू मुझे हर पल याद आती है
                                                              -Snehil Srivastava

Picture credit: www.lovethispic.com
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© Snehil Srivastava

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